Friday, 31 March 2017

उम्मीद....

उम्मीद....

जिंदगी की हर ख्वाईश तू पुरी कर
ख्वाईशौ की कभी नुमाईश ना कर

मिल जायेगी वह मंजिल तुझे
जो तेरी जान ले रही थी,
वही बन जायेगी जान तेरी
बस थोडा सब्र तो कर...

कडी मेहनत है करनी तुझे
पाना वही जीसकी तुझे आस थी,
आसमाँ भी झुक जायेगा निचे
बस थोडी कोशिश तो कर....

जीना तेरा यादगार बना दें
हर किसी को प्यार से अपनालें
प्यार से तू दुनिया जीत लेगा
बस थोडा हासील तो कर ...

युंही निकल जायेंगेे मुष्कीलभरे पल
हर अंधेरे के बाद सवेरा होगा कल
फिर जिंदगी में खुषहाली करेगी राज
बस थोडी उम्मीद तो कर......

©स्वलिखीत 
प्रदीप्त (प्रा.प्रदिप वराडे)
औरंगाबाद.
7588075845

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