Saturday, 8 June 2019

सजदे में तुम्हारे हमें झुकने दो....

जब से तेरा प्यार मिला है 
शायद खुद को खो दिया है
थोड़ा ही सही प्यार निभाने दो 
सजदे में तुम्हारे हमें झुकने दो....

भरी आंखों से प्यार बरसाती हो
खुद से ज्यादा हमे चाहती हो
मजा चाहत का हमें भी चखने दो
सजदे में तुम्हारे हमें झुकने दो....

प्यार से तूने सबका दिल जीता है
टूटते धागों को मजबूती से बांधा है
कृतज्ञता में तेरी कुछ तो करने दो
सजदे में तुम्हारे हमें झुकने दो....

Saturday, 25 May 2019

तो मजा है....

तो मजा है....

बादलों में ढकी हो मंजिल
तो उसे पाने में नशा है,
राह जब कठिनाइयों से भरी हो 
तो चलने में मजा है...
संभल जाँऊ ऊंचाई से गिरकर
तो गिरने में नशा है,
हार में भी अपनी जीत छिपी हो
तो उस हार में भी मजा है...
अंगारो पर चलते दिल को दे 
तो उसी ठंडक में नशा है,
रक्तसम आंसुओं में आनंद भर दूँ
तो उस रोने में भी मजा है...
वज्रसम मैं मोमसा पिघल जाँऊ
तो उस पसीजने में नशा है,
बस एक बार वह मंजर पालू 
फिर तो मौत में भी मजा है...

Thursday, 23 May 2019

अंधार

मला अंधार आवडतो...
कारण
तो मनातील भाव लपवतो,
आपल्यात लपलेल्या "स्व"ला खुलवतो,
चंद्र,चांदण्यांच्या साथीने देहभान विसरायला लावतो...
किती कमावलं?किती गमावलं? किती हसलो?
किती रडलो?सगळं सगळं विसरायला लावतो....
हरवलेल्या ज्या दिशा प्रकाशात कधी गवसल्या नाही त्या दिशा या अंधारात मिळतात....
रोज रात्री झालेल्या सगळ्या चुका पदरात घालून अलगद मिठीत घेतो तो अंधार...
सुखद क्षणांना आठवायला लावतो तो अंधार...
एकाकी सोडून समर्थ बनायला शिकवतो तो अंधार...
उगवत्या सूर्याला वाट मोकळी करून देतो तो खरा अंधार...

सजदे में तुम्हारे हमें झुकने दो....

जब से तेरा प्यार मिला है  शायद खुद को खो दिया है थोड़ा ही सही प्यार निभाने दो  सजदे में तुम्हारे हमें झुकने दो.... भरी आंखों से ...